Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
जनà¥à¤® से पहले का आपका जीवन –
परिचय
आप और आपके परिचितों ने जनà¥à¤® से पहले के जीवन में बताठगठजीवन से पहले की यातà¥à¤°à¤¾ सफलतापूरà¥à¤µà¤• पूरी करके अपने जीवनों की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ की है। अपनी यातà¥à¤°à¤¾ के बारे में और ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जानने और यह बेहतर तरीके से समà¤à¤¨à¥‡ के लिठकि पà¥à¤°à¤¸à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤µ अनà¥à¤à¤µ सà¤à¥€ के लिठइतना ज़रूरी कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ है, आगे पढ़ें।
मूवी और आगामी छवियों को केवल दोसà¥à¤¤à¥€ के तौर पर उन लोगों से शेयर करके, जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने इससे पहले à¤à¤¸à¥€ छवियां कà¤à¥€ नहीं देखी थीं, आप उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ उन बढ़ते हà¥à¤ लोगों के साथ जà¥à¤¡à¤¼à¤¨à¥‡ में सकà¥à¤·à¤® बनाते हैं जो पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के आशà¥à¤šà¤¯à¥‹à¤‚, खूबसूरती और महतà¥à¤µ के जà¥à¤žà¤¾à¤¨ से परिचित और शिकà¥à¤·à¤¿à¤¤ हो चà¥à¤•े हैं।
मैंने यह काम बस कौतà¥à¤¹à¤²à¤µà¤¶ शà¥à¤°à¥‚ किया था, मैं इसमें à¤à¤• निरंतर रà¥à¤šà¤¿ के साथ अब तक लगा रहा/लगी रही हूं और इस बढ़ती हà¥à¤ˆ à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ के साथ यहां तक पहà¥à¤‚च चà¥à¤•ा हूं कि मैं [मानव] पà¥à¤°à¤œà¤¾à¤¤à¤¿ और लोगों के à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ के लिठबेहद ज़रूरी विषय पर काम कर रहा हूं
“गरà¥à¤ के à¤à¥€à¤¤à¤° के इस रोमांचक संसार में आपका सà¥à¤µà¤¾à¤—त है जहां हर शिशॠविकसित होता है और जनà¥à¤® के बाद के जीवन के लिठतैयार होता है। यही वह जगह à¤à¥€ है जहां मां और शिशॠके बीच लगाव पनपना शà¥à¤°à¥‚ होता है और जहां पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• शिशॠके पूरे जीवन के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ की आधारशिला आंशिक रूप से रखी जाती है।â€
à¤à¤• बेहद वà¥à¤¯à¤¸à¥à¤¤ समय और जगह
यह सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ शिशॠअà¤à¥€ हाल में बस इतना बड़ा हà¥à¤† है कि यह पहली बार अपने दोनों हाथों को à¤à¤• साथ छू सकता है। आप बाà¤à¤‚ निपल को à¤à¥€ देख सकते हैं (0:05–0:07), उसकी नाà¤à¤¿ रजà¥à¤œà¥ का बेस (0:09–0:11) और उसके दोनों हाथ। धड़ के दो हिसà¥à¤¸à¥‡ जà¥à¤¡à¤¼à¤¤à¥‡ वकà¥à¤¤ पेट के बीच की रेखा के साथ à¤à¤• सीधी सफ़ेद रेखा बनी। सà¥à¤°à¥‹à¤¤: पà¥à¤°à¤¸à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤µ विकास DVD का जीव-विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ (BPD वीडियो)
पà¥à¤°à¤¸à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤µ उमà¥à¤° के बारे में कà¥à¤› शबà¥à¤¦
इस पृषà¥à¤ के संपूरà¥à¤£ पà¥à¤°à¤¸à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤µ समय निषेचन से शà¥à¤°à¥‚ करके संदरà¥à¤à¤¿à¤¤ किया गया है, महिला की पिछली मासिक अवधि (LMP) से नहीं। महिला के LMP से संदरà¥à¤à¤¿à¤¤ समककà¥à¤·à¥€ पà¥à¤°à¤¸à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤µ उमà¥à¤° की गणना करने के लिà¤, यहां दिठगठनिषेचन समय में दो हफ़à¥à¤¤à¥‡ जोड़ लें।
तैयारी का समय
वासà¥à¤¤à¤µ में गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ का नौ महीनों का समय जनà¥à¤® के बाद के जीवन की तैयारी का समय है। कà¥à¤› अपवादों को छोड़कर, à¤à¤• नवजात शिशॠजितने काम करता दिखता है लगà¤à¤— उन सà¤à¥€ का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ जनà¥à¤® से हफ़à¥à¤¤à¥‹à¤‚ या महीनों पहले बारंबार कर लिया गया होता है।
अतà¥à¤²à¤¨à¥€à¤¯ संबंध
निषेचन (या गरà¥à¤à¤¾à¤§à¤¾à¤¨) के समय से लेकर, विकसित होते शिशॠऔर मां निरंतर साथ में काम करते हैं और à¤à¤•-दूसरे के साथ अनेक और à¤à¤¸à¥‡ जटिल तरीकों से संवाद करते हैं जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अà¤à¥€ तक पूरी तरह से समà¤à¤¾ नहीं जा सका है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ मां और शिशॠके बीच सà¥à¤µà¤¾à¤°à¥à¤¥à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ टीमवरà¥à¤• की अदà¥à¤µà¤¿à¤¤à¥€à¤¯ अà¤à¤¿à¤µà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ है जिसमें दोनों à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ पूरà¥à¤£à¤•ालिक गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ और सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ पà¥à¤°à¤¸à¤µ से गà¥à¤œà¤¼à¤°à¤¤à¥‡ हà¥à¤ साथ-साथ सब कà¥à¤› करते हैं, सब कà¥à¤› शेयर करते हैं और सब कà¥à¤› अनà¥à¤à¤µ करते हैं।
जैसी कि आपको अपेकà¥à¤·à¤¾ हो सकती है, à¤à¤• मां का सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ और तंदà¥à¤°à¥à¤¸à¥à¤¤à¥€ शिशॠके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ और तंदà¥à¤°à¥à¤¸à¥à¤¤à¥€ से गà¥à¤‚थी होती है। कà¥à¤› अपवादों को छोड़कर, जो मां के लिठअचà¥à¤›à¤¾ होता है वह शिशॠके लिठà¤à¥€ अचà¥à¤›à¤¾ होता है और जो उसके शिशॠके लिठअचà¥à¤›à¤¾ होता है वही मां के लिठà¤à¥€ अचà¥à¤›à¤¾ होता है। इसी तरह से, मां के लिठजो नà¥à¤•सानदायी होता है वह शिशॠके लिठà¤à¥€ नà¥à¤•सानदायी होता है और जो शिशॠके लिठनà¥à¤•सानदायी होता है वह मां के लिठà¤à¥€ नà¥à¤•सानदायी होता है।
मां और शिशॠके बीच का विशेष टीमवरà¥à¤• लगà¤à¤— तà¥à¤°à¤‚त ही शà¥à¤°à¥‚ हो जाता है। पहला गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨, जिसे गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ का शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ घटक कहते हैं, वह निषेचन के 24 घंटे बाद ही मां के खून में दिख जाता है। यह हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ शिशॠकी ज़रूरतों को पूरा करने के लिठमां का शरीर बनाना शà¥à¤°à¥‚ कर देता है।1
पà¥à¤°à¤¸à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤µ वृदà¥à¤§à¤¿ और विकास जीवन à¤à¤° के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ पर असर डालते हैं
पिछले 30 सालों में हà¥à¤ अनà¥à¤¸à¤‚धान से à¤à¤¸à¥‡ कई तरीके ज़ाहिर हà¥à¤ हैं जिनमें शिशॠका पà¥à¤°à¤¸à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤µ वातावरण और बढ़ने का तरीका जीवन à¤à¤° के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करते हैं।
समाज वृदà¥à¤§à¤¿ और विकास की अचà¥à¤›à¥€ राहें बनाकर आगामी पीढ़ी को सबसे बढ़िया तोहफ़ा दे सकता है।
कà¥à¤› उदाहरण ये रहे, पà¥à¤°à¤¸à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤µ विकास के दौरान खराबी अनà¥à¤à¤µ करने वाले शिशà¥à¤“ं को अपने बाद के जीवन में दिल का दौरा,2 आघात(सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤•),3 उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª,4 और टाइप II मधà¥à¤®à¥‡à¤¹(डायबिटीज़)5 होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के समय तंबाकू का सेवन करने से कà¥à¤› वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° संबंधी विकार6 और मोटापा,7 मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ होते हैं8 और फेफड़ों के काम में कमी रहती है।9
यह साबित हो चà¥à¤•ा है कि विकास अवधि के दौरान à¤à¥à¤°à¥‚ण के आसपास का वातावरण उसके जीवन à¤à¤° के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤£ के हिसाब से बहà¥à¤¤ महतà¥à¤µ रखता है।
निषेचन – à¤à¤• नठवà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤
“ 'मानव विकास की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ निषेचन से होती है10' जब पà¥à¤°à¥à¤· और महिला की पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ संबंधी कोशिकाà¤à¤‚ आपस में जà¥à¤¡à¤¼à¤•र à¤à¤• अदà¥à¤µà¤¿à¤¤à¥€à¤¯, à¤à¤•ल-कोशिकायà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥à¤°à¥‚ण बनाती हैं।â€11
निषेचन के दौरान कई कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤‚ होती हैं, जो मानवों में (à¤à¤• कà¥à¤·à¤£ के बजाय) लगà¤à¤— 24 घंटों तक चलती रहती हैं।12 निषेचन आमतौर पर महिलाओं के गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ नली (यूटेरिन टà¥à¤¯à¥‚ब) में होता है, ये महिला के अंडाशय के पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• छोर से लेकर उसके गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ तक फैलता है।
मानव निषेचन
निषेचन के शà¥à¤°à¥‚ होने पर à¤à¤•ल-कोशिकीय मानव à¤à¥à¤°à¥‚ण बनता है।
à¤à¤•ल-कोशिकीय à¤à¥à¤°à¥‚ण (सिंगल-सेल à¤à¤‚बà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹)
यह à¤à¤•ल-कोशिकीय à¤à¥à¤°à¥‚ण केंदà¥à¤° में पà¥à¤°à¥à¤· और महिला के पà¥à¤°à¤¾à¤•à¥à¤•ेंदà¥à¤°à¤• (पà¥à¤°à¥‹à¤¨à¥à¤¯à¥‚कà¥à¤²à¤¿) (दो घà¥à¤®à¤¾à¤µà¤¦à¤¾à¤° संरचनाओं) को मिलते हà¥à¤ दिखाता है। पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• पà¥à¤°à¤¾à¤•à¥à¤•ेंदà¥à¤°à¤• में मां/बाप का DNA होता है। [कारà¥à¤¨à¥‡à¤—ी चरण 1b मानव à¤à¥à¤°à¥‚ण]
मानव विकास और मानव जीवन à¤à¤• साथ शà¥à¤°à¥‚ होते हैं
मानव निषेचन और à¤à¤•ल-कोशिकीय मानव à¤à¥à¤°à¥‚ण के बारे में à¤à¤¸à¥‡ कई अकाटà¥à¤¯ वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• तथà¥à¤¯ हैं जिनकी आपको जानकारी होनी चाहिà¤à¥¤ सà¤à¥€ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ हैं। सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ होने के बावजूद, कई विवादित रहते हैं।
निषेचन या गरà¥à¤à¤¾à¤§à¤¾à¤¨ मानव विकास की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤, à¤à¤•दम नà¤, अदà¥à¤µà¤¿à¤¤à¥€à¤¯, आनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक रूप से सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ इंसान की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤; और गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚ठको चिहà¥à¤¨à¤¿à¤¤ करता है।
निषेचन के समय बना जीवित, à¤à¤•ल-कोशिकीय मानव à¤à¥à¤°à¥‚ण à¤à¤• नठमानव के जीवन के मानव विकास का पहला चरण होता है।13
à¤à¥à¤°à¥‚णीय जीवन निषेचन से शà¥à¤°à¥‚ होता है...
ये याद रखा जाना चाहिठकि पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• चरण में à¤à¥à¤°à¥‚ण à¤à¤• जीवित जीवधारी होता है, यानी, इसका सरोकार, उस वकà¥à¤¤ पर अपने रखरखाव के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ विधियों से होता है।
विवादित होने की वजह से, इस विषय पर लंबी बहस की ज़रूरत है।
मानव जीवन की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ को निषेचन के बाद किसी समय पर होना परिà¤à¤¾à¤·à¤¿à¤¤ करने से पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• तथà¥à¤¯ का विरोध होता है। यह बहà¥à¤¤ आसानी से समà¤à¤¾ जा सकता है। केवल à¤à¤• निरंतर जीवित रहने वाला à¤à¥à¤°à¥‚ण ही à¤à¤• कोशिका से दो में, दो कोशिकाओं से चार में और इस तरह से पूरी गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान असंखà¥à¤¯ कोशिकाओं में बदल सकता है। यह à¤à¥€ उतना ही सच है कि à¤à¤• मृत à¤à¥à¤°à¥‚ण न बढ़ सकता है, न बंट सकता है, न बदल सकता है, न ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ गà¥à¤°à¤¹à¤£ कर सकता है, न कारà¥à¤¬à¤¨ डाइऑकà¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤¡ छोड़ सकता है, न DNA को दोहरा सकता है और न ही à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ में किसी समय ज़िंदा हो सकता है।
चरण 1 में केवल à¤à¤• कोशिका वाला à¤à¥à¤°à¥‚ण होता है.... ये à¤à¥à¤°à¥‚णीय जीवन की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ होती है...
वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ के तौर पर, यह तरà¥à¤• देना कि मानव à¤à¥à¤°à¥‚ण निषेचन के बाद किसी समय पर ज़िंदा होता है सà¥à¤µà¥ˆà¤šà¥à¤›à¤¿à¤• पीढ़ी के सिदà¥à¤§à¤¾à¤‚त के आधà¥à¤¨à¤¿à¤• संसà¥à¤•रण का समरà¥à¤¥à¤¨ करना है। à¤à¤• बार मशहूर हà¥à¤ इस सिदà¥à¤§à¤¾à¤‚त के पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤µà¤• ये मानते थे कि जीवधारी चीज़ें मृत चीज़ों से à¤à¥€ बन सकती हैं। यह सिदà¥à¤§à¤¾à¤‚त 160 साल पहले धूल में मिला दिया गया था।
मानव जीवन और मानव विकास कब शà¥à¤°à¥‚ होते हैं इन दोनों के बीच का अंतर केवल à¤à¤• अकादमिक या सैदà¥à¤§à¤¾à¤‚तिक पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ ही नहीं है। इसका सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ पर असर होता है। निषेचन होते वकà¥à¤¤, शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ लचकदार à¤à¥à¤°à¥‚ण आसपास के वातावरण से आसानी से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होकर नषà¥à¤Ÿ हो सकता है, इस ख़तरे में मां के गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ नली (यूटेरिन टà¥à¤¯à¥‚ब) या गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के अंदर के वातावरण में मौजूद विषैले पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का à¤à¥à¤°à¥‚ण के सामने आ जाना à¤à¥€ शामिल है।14
à¤à¤• अदà¥à¤à¥à¤¤ कौशल समूह
मां के साथ नज़दीकी से काम करने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ के अलावा, सरल से दिखने वाले, à¤à¤•ल-कोशिकीय à¤à¥à¤°à¥‚ण अपने DNA में मौजूद निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶ समूह का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करके अपने पूरे जीवन के विकास को दिशा देता है।15
समà¤à¤¨à¥‡ की कोशिश करें, कि जीवन का à¤à¤• छोटा सा हिसà¥à¤¸à¤¾â€”केवल à¤à¤• कोशिका, जो सूकà¥à¤·à¥à¤® दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के किसी कोने में पड़ा रहता है—किस तरह से शिशॠके शरीर को बनाने के लिठवह बारंबार विà¤à¤¾à¤œà¤¿à¤¤ हो सकता है। मिटà¥à¤Ÿà¥€ के इस शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ कण से निकल कर बने असंखà¥à¤¯ कोशिकाओं और अंगों के बारे में सोचें: बाल, नाखून, तà¥à¤µà¤šà¤¾, दिमाग, आंखें, वाहिनीहीन गà¥à¤°à¤‚थि (डकà¥à¤Ÿà¤²à¥‡à¤¸ गà¥à¤²à¥ˆà¤‚ड)। सृजनातà¥à¤®à¤• पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के हर चरण में नज़ाकत à¤à¤°à¥€ जटिल घटनाओं की शà¥à¤°à¥ƒà¤‚खलाà¤à¤‚ होती हैं, जो à¤à¤•-दूसरे से à¤à¤• बाल बराबर के अंतर से कà¥à¤°à¤® में समयबदà¥à¤§ तरीके से होती रहती हैं।
गà¥à¤£à¤¨ और विà¤à¤¾à¤œà¤¿à¤¤ होना
“लगà¤à¤— 24 घंटों में, à¤à¤• कोशिका वाला à¤à¥à¤°à¥‚ण दो कोशिकाओं में बंट जाता है, फिर चार और इस तरह से आगे बंटता चला जाता है। इस तरह से à¤à¤• कोशिका वाले à¤à¥à¤°à¥‚ण की अनमोल नवजात शिशॠके रूप में असाधारण परिवरà¥à¤¤à¤¨ होने की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ होती है।â€
मानव à¤à¥à¤°à¥‚ण टाइम-लैपà¥à¤¸ (1–8 कोशिकाà¤à¤‚)
यह टाइम-लैपà¥à¤¸ वीडियो मानव के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ à¤à¥à¤°à¥‚ण में मौजूद गतिशील सà¥à¤µà¤à¤¾à¤µ को दिखाता है। नोट करें कि कैसे à¤à¤•ल कोशिकाà¤à¤‚ पूरà¥à¤£ आकार के गोलों से दूर-दूर हैं जैसा कि आमतौर पर चितà¥à¤°à¤¿à¤¤ किया जाता है।
कोशिकाओं का विà¤à¤¾à¤œà¤¨ जारी रहता है। लगà¤à¤— तीन दिनों में à¤à¥à¤°à¥‚ण 12–16 कोशिकाओं में बंट चà¥à¤•ा होता है और कोशिकाओं की गेंद जैसा à¤à¤• असà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ आकार ले लेता है। इस चरण में, à¤à¥à¤°à¥‚ण को मोरà¥à¤²à¤¾ कहा जाता है।16
10-कोशिकीय मानव à¤à¥à¤°à¥‚ण
सà¥à¤µà¤šà¥à¤› असà¥à¤¤à¤° (ज़ोना पेलà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¤¾) à¤à¥à¤°à¥‚ण के आसपास à¤à¤• सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ आवरण बनाता है।
मानवीय मोरà¥à¤²à¤¾
मोरà¥à¤²à¤¾ चरण की अवधि लगà¤à¤— à¤à¤• दिन या इसके आसपास ही रहती है।
चूंकि कोशिकाओं का विà¤à¤¾à¤œà¤¨ जारी रहता है-तरल पदारà¥à¤¥à¤¯à¥à¤•à¥à¤¤ कैविटी उà¤à¤°à¤¤à¤¾ है और अब à¤à¤‚बà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹ को बà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ कहा जाता है।
मानव का शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ बà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ à¤à¥à¤°à¥‚ण
यह शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ बà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ à¤à¥à¤°à¥‚ण निषेचन के लगà¤à¤— 4 दिन बाद का है। कोशिकाओं के à¤à¥€à¤¤à¤°à¥€ पिंडों का à¤à¥à¤°à¥‚ण के शरीर में परिवरà¥à¤¤à¤¿à¤¤ होना निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ होता है। नोट करें कि सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ आवरण अà¤à¥€ à¤à¥€ अपनी जगह है।
परिपकà¥à¤µ मानवीय बà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ
à¤à¤¸à¤¾ अधिक परिपकà¥à¤µ बà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ à¤à¥à¤°à¥‚ण निषेचन के लगà¤à¤— 5वें दिन बनता है। बाहरी कोशिकाà¤à¤‚ नाल (पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा) बनाने में मदद करती हैं। नोट करें कि सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ आवरण (ज़ोना पेलà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¤¾) ख़तà¥à¤® हो चà¥à¤•ा है।
आगे सामानà¥à¤¯ विकास के लिà¤, बà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ को अपने सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ आवरण से बाहर निकलना होता है। माइकà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤•ोप में देखा जाठतो, इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को “हैचिंग†कहते हैं। à¤à¤¸à¤¾ माना जाता है कि यहां दिखाई गई “हैचिंग†पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के होने के बजाय गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के à¤à¥€à¤¤à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक रूप से बनने वाले मानव à¤à¥à¤°à¥‚ण का सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ आवरण टूट कर अलग होकर गिर जाता है।
शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ हैचिंग बà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ
यहां हम देखते हैं कि à¤à¥à¤°à¥‚ण ज़ोना पेलà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¤¾ के किनारों से “बाहर निकल†रहा है।
यह महान निकासी है
यहां आप फिर से देख सकते हैं कि मानव à¤à¥à¤°à¥‚ण खà¥à¤¦ को अपने सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ आवरण से अलग कर रहा है।
à¤à¤• बार अलग होने के बाद, à¤à¥à¤°à¥‚ण अगले बड़े चरण: इंपà¥à¤²à¤¾à¤‚टेशन, के लिठतैयार है।
मà¥à¤•à¥à¤¤ बà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ
तà¥à¤²à¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• रूप से बड़ा यह बà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ पहले बगल के सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ आवरण के अंदर था।
इंपà¥à¤²à¤¾à¤‚टेशन à¤à¤¸à¥€ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है जिसमें à¤à¥à¤°à¥‚ण खà¥à¤¦ को गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की दीवार से à¤à¤®à¥à¤¬à¥‡à¤¡ करते हà¥à¤ गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की कैविटी को छोड़ देता है। यह पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ 6ठे दिन से गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ दीवार से जà¥à¤¡à¤¼à¤¨à¥‡ के साथ शà¥à¤°à¥‚ होती है और निषेचन के लगà¤à¤— 12वें दिन ख़तà¥à¤® होती है।
मानव विकास की गति और जटिलता आपको हैरान कर सकती है। लगातार कोशिका विà¤à¤¾à¤œà¤¨ और विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ विशेष पà¥à¤°à¤•ार की कोशिकाà¤à¤‚ बनने के साथ, ननà¥à¤¹à¤¾ शिशॠबढ़ता और लगातार आकार बदलता रहता है। मानव विकास बेहद वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤ तरीके से तीवà¥à¤° गति से होता है।
दिमाग के विकास का पहला लकà¥à¤·à¤£ 18वें दिन दिखाई देता है।17
उस कोशिका [यहां मानव मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• को बनाने वाली कोशिका की बात की जा रही है] के केवल असà¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ को इस धरती की सबसे बड़ी उपलबà¥à¤§à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• होना चाहिà¤à¥¤ लोगों को सारा दिन घूमते रहना चाहिà¤, जब वे जागे होते हैं, बेहद हैरानी से à¤à¤• दूसरे को कॉल करना चाहिà¤, केवल उसी कोशिका के बारे में बात करनी चाहिठऔर किसी बारे में नहीं… अगर कोई मेरे इस जनà¥à¤® में इसे समà¤à¤¾à¤¨à¥‡ में सफल हो गया, तो मैं à¤à¤• धूमà¥à¤°à¤²à¥‡à¤–ी विमान (सà¥à¤•ाइराइटिंग à¤à¤¯à¤°à¤ªà¥à¤²à¥‡à¤¨) चारà¥à¤Ÿà¤° करूंगा, शायद उसका à¤à¤• पूरा बेड़ा ही लूंगा और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ ऊंचाई पर à¤à¥‡à¤œà¤•र à¤à¤• के बाद à¤à¤• बड़े विसà¥à¤®à¤¯à¤•ारी चिहà¥à¤¨, पूरे आकाश में तब तक लिखवाता रहूंगा, जब तक कि मेरा सारा पैसा ख़तà¥à¤® न हो जाà¤!
निषेचन के केवल 4 हफ़à¥à¤¤à¥‹à¤‚ में ही शरीर के अलग-अलग हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ की शà¥à¤°à¥à¤°à¥‚आती योजना जैसे सिर, छाती, पेट और हाथ और पैरों का बनना अचà¥à¤›à¥‡ से सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ हो चà¥à¤•े होते हैं।18
पà¥à¤°à¤¸à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤µ विकास की पà¥à¤°à¤®à¥à¤– अवधियां
“आपको ये जानकर हैरानी हो सकती है कि शरीर के ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° हिसà¥à¤¸à¥‡ पहले 8 हफ़à¥à¤¤à¥‹à¤‚ में ही बनकर काम करना शà¥à¤°à¥‚ कर देते हैं, हालांकि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की संपूरà¥à¤£ अवधि 38 हफ़à¥à¤¤à¥‹à¤‚ में जाकर पूरी होती है।â€
जनà¥à¤® से पहले मानव विकास à¤à¤• आगे से लोड हà¥à¤ˆ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है। पहले 8 हफ़à¥à¤¤à¥‹à¤‚ में आकार और रूप-रंग में तीवà¥à¤° गति से बदलाव होते हैं, साथ में शरीर के पहचाने जा सकने वाले हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ की संखà¥à¤¯à¤¾ à¤à¤•दम से बढ़ जाती है। इसके बाद मानव विकास शरीर के मौजूदा हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ की वृदà¥à¤§à¤¿ और कामों की परिपकà¥à¤µà¤¤à¤¾ से चिहà¥à¤¨à¤¿à¤¤ होता है।
इसलिà¤, जनà¥à¤® से पहले मानव विकास को दो अवधियों में बांटा जाता है।
à¤à¥à¤°à¥‚णीय अवधि(à¤à¤‚बà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤¨à¤¿à¤• पीरियड) निषेचन से शà¥à¤°à¥‚ होकर 8 हफ़à¥à¤¤à¥‹à¤‚ या 56 हफ़à¥à¤¤à¥‹à¤‚ के पूरा होने पर ख़तà¥à¤® होती है।19 पूरे समय के दौरान, विकास करते मानव को à¤à¥à¤°à¥‚ण (à¤à¤‚बà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹) कहा जाता है, जिसका मतलब “अंदर से विकास होना†होता है।20 इस समय तक शरीर के अधिकतर हिसà¥à¤¸à¥‡ और पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ पहले दिख जाते हैं और काम करना शà¥à¤°à¥‚ कर देते हैं।21
à¤à¥à¤°à¥‚ण संबंधी अवधि (फ़ेटल पीरियड) à¤à¤‚बà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤¨à¤¿à¤• अवधि के खतà¥à¤® होने के बाद यह जलà¥à¤¦-से-जलà¥à¤¦ शà¥à¤°à¥‚ हो जाती है और शिशॠके जनà¥à¤® लेने तक चलती रहती है। इस समय तक, विकास करता मानव à¤à¥à¤°à¥‚ण (फ़ेटस), कहलाता है, जिसका मतलब “अजनà¥à¤®à¥€ संतान†होता है।22 इस अवधि में, शिशॠऔर ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बड़ा हो जाता है और उसके शरीर की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤‚ और ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जटिल होती जाती हैं।23
तेज़ी से बनता धड़कता हà¥à¤† दिल
“22 दिनों तक, दिल धड़कना शà¥à¤°à¥‚ कर देता है... और तà¥à¤°à¤‚त नवजात शिशॠके दिल की तरह दिखने लगता है।â€
दिमाग के विकास का पहला लकà¥à¤·à¤£ लगà¤à¤— 20वें दिन दिखाई देता है।24 22 दिनों में, नली के आकार का दिल धड़कना शà¥à¤°à¥‚ कर देता है।25लगà¤à¤— तà¥à¤°à¤‚त, नीचे दिखाठगठअनà¥à¤¸à¤¾à¤° दिल आकार बदलने लगता है।26 जैसा कि हम बाद में बार बार देखेंगे, कि विकास करता मानव जैसे ही मौका मिलता है, नठकाम करना शà¥à¤°à¥‚ कर देता है।
जलà¥à¤¦à¥€-जलà¥à¤¦à¥€ परिपकà¥à¤µ होता दिल
à¤à¤• बार जब नली के आकार का मानवीय दिल बन जाता है, तो यह लगà¤à¤— तà¥à¤°à¤‚त आकार बदल लेता है। इसके 4 हफ़à¥à¤¤à¥‹à¤‚ के बाद (या निषेचन के 7 हफ़à¥à¤¤à¥‹à¤‚ के बाद) यह अनिवारà¥à¤¯ रूप से पूरा बन चà¥à¤•ा होता है।
शिशॠके दिल की धड़कन की इस पहली शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ को सनॠ1962 में ही रिपोरà¥à¤Ÿ कर दिया गया था और ये केवल सैदà¥à¤§à¤¾à¤‚तिक नहीं है।27 अनà¥à¤µà¥‡à¤·à¤•ों ने अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करके निषेचन के 23वें दिन28 और 25वें दिन29 के बाद मानव के धड़कते ननà¥à¤¹à¥‡ दिल की हलà¥à¤•ी संकà¥à¤šà¤¨ के दिखने को रिपोरà¥à¤Ÿ किया है। हालांकि कà¤à¥€ इसे सच माना जाता था, लेकिन इस बात का समरà¥à¤¥à¤¨ करने के लिठकोई à¤à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤®à¤‚द आधà¥à¤¨à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ मौजूद नहीं है कि दिल धड़कने की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ 18वें दिन या उससे पहले हो जाती है, जैसा कि कà¥à¤› लोगों ने पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤µ किया है।
सà¥à¤•à¥à¤°à¤¿à¤ªà¥à¤Ÿ से: “4 हफ़à¥à¤¤à¥‹à¤‚ में, शिशॠà¤à¤• तरल पदारà¥à¤¥à¤¯à¥à¤•à¥à¤¤ थैली से घिर जाता है और उसका दिल उसके पूरे शरीर को पोषक ततà¥à¤µ पहूंचा रहा होता है।â€
तरल पदारà¥à¤¥ से à¤à¤°à¥€ थैली उलà¥à¤µ (à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¤¨) नामक à¤à¤• सखà¥à¤¤ à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ (मेमà¥à¤¬à¥à¤°à¥‡à¤¨) होती है। थैली के à¤à¥€à¤¤à¤° के तरल पदारà¥à¤¥ को à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• तरल पदारà¥à¤¥ (फ़à¥à¤²à¥à¤¡) कहा जाता है।30 साथ में, यह बढ़ते शिशॠकी सदमे से रकà¥à¤·à¤¾ करता है, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के पहले आधे समय में तरल पदारà¥à¤¥à¥€à¤¯ संतà¥à¤²à¤¨ कायम रखने में मदद करता है और शिशॠको हिलने के लिठगà¥à¤°à¥à¤¤à¥à¤µà¤¾à¤•रà¥à¤·à¤£ शकà¥à¤¤à¤¿ से पूरी तरह से मà¥à¤•à¥à¤¤ जगह पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है।
रकà¥à¤¤à¤¸à¤‚चार (सरà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨)
“यहां आप निषेचन के केवल 4½ हफ़à¥à¤¤à¥‡ बाद ही उसके दिल को धीमी गति से धड़कते हà¥à¤ देख सकते हैं। आप देख रहे हैं ना कि दिल के पà¥à¤°à¤•ोषà¥à¤ ों में रकà¥à¤¤ के घà¥à¤¸à¤¨à¥‡ और उससे बाहर निकलने के दौरान दिल की पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• धड़कन के साथ कैसे उसका रंग बदल रहा है?â€
दिल जितना जलà¥à¤¦à¥€ हो सके उतनी जलà¥à¤¦à¥€ धड़कना शà¥à¤°à¥‚ कर देता है। 4 हफ़à¥à¤¤à¥‹à¤‚ में, इस à¤à¤•दम ननà¥à¤¹à¥‡ दिल दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ संचारित रकà¥à¤¤ दिमाग और शरीर के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ तक जीवनदायी ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ और पोषक ततà¥à¤µ पहà¥à¤‚चा रहा होता है।31 यह ननà¥à¤¹à¤¾ दिल जिस सटीकता से अपना महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ काम करता है उसे नोट करें!
दिमाग और धड़कता दिल
दिमाग, दिल और यकृत इस चरण की सबसे ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ संरचनाà¤à¤‚ होती हैं। ये सà¤à¥€ यहां अचà¥à¤›à¥‡ से दिखाई दे रही हैं।
धीमी गति से धड़कता दिल
यह दà¥à¤°à¥à¤²à¤ कà¥à¤²à¤¿à¤ª रकà¥à¤¤ संचार की निरंतरता बनाठरखने के लिठज़रूरी सटीक सामयिकता और तालमेल को खूबसूरती से चितà¥à¤°à¤£ करती है।
चतà¥à¤°à¥à¤ªà¥à¤°à¤•ोषà¥à¤ ीय धडकता हà¥à¤† दिल
अगर आप नज़दीक से देखें, तो आप दिल के सà¤à¥€ चारों पà¥à¤°à¤•ोषà¥à¤ ों में संकà¥à¤šà¤¨ की गतिविधि देख सकते हैं। नोट करें कि यकृत कैसे पेट को à¤à¤°à¤¤à¤¾ है। बड़ी लाल रकà¥à¤¤ नलिका (रेड बà¥à¤²à¤¡ वैसल) जो यकृत में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करती पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤¤ हो रही है वो नाà¤à¤¿ रजà¥à¤œà¥ (अंबिलिकल कॉरà¥à¤¡) के à¤à¥€à¤¤à¤° की नाà¤à¤¿ संबंधी शिरा (अंबिलिकल वेन) है। ये नाल (पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा) से शिशॠतक ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨à¤¯à¥à¤•à¥à¤¤ खून ला रही है। शà¥à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾, मां!
रकà¥à¤¤à¤¸à¤‚चार तंतà¥à¤° को विकास का चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€à¤ªà¥‚रà¥à¤£ काम करना होता है और à¤à¥à¤°à¥‚ण के समगà¥à¤° विकास के साथ बने रहने के लिठउसे बारंबार रीमॉडल होते रहना होता है, इसके साथ ही à¤à¥à¤°à¥‚ण की कोशिकाओं की ज़रूरतों की आपूरà¥à¤¤à¤¿ करने के काम को पूरà¥à¤£à¤¤: करते रहना पड़ता है।
हलचल और मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• की तरंगें
“6 हफ़à¥à¤¤à¥‹à¤‚ में शिशॠहलचल करने लग जाà¤à¤—ा और अगर उसके चेहरे को हलà¥à¤•े से छà¥à¤† जाà¤à¤—ा तो वह अपना चेहरा घà¥à¤®à¤¾ लेगा। 6 हफ़à¥à¤¤à¥‹à¤‚ और 2 दिनों की छोटी सी अवधि में ही मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• की तरंगें रिकॉरà¥à¤¡ की जा चà¥à¤•ी हैं।
हरकतों की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤
हरकतें होना निषेचन से केवल 5½ से 6 हफ़à¥à¤¤à¥‹à¤‚ में ही शà¥à¤°à¥‚ हो जाती हैं।32 ये सबसे पहली गतिविधियों में से à¤à¤• होती हैं और ये सबसे ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक काम है जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ हम कर सकते हैं।
चेहरे पर हलà¥à¤•े सà¥à¤ªà¤°à¥à¤¶ को à¤à¥€ महसूस करके पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ देने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ होना वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¾à¤¹à¤°à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के विकास का पहला पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ होता है।33
आपको ये जानकर हैरानी होगी कि नसों, हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और जोड़ों के सामानà¥à¤¯ विकास के लिठजनà¥à¤® से पहले हरकतों का होना ज़रूरी है। यहां तक कि, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के शà¥à¤°à¥‚ में अगर शिशॠहरकत न करे, तो सामानà¥à¤¯ जोड़ों का बनना असंà¤à¤µ हो जाता है।34 मानव सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ की दृषà¥à¤Ÿà¤¿ से हरकतों का होना बहà¥à¤¤ ज़रूरी है, जनà¥à¤® से बहà¥à¤¤ पहले से शà¥à¤°à¥‚ करके और फिर हमेशा हर उमà¥à¤° में मानव के अंगों का हरकतें करना ज़रूरी होता है।35
नठफ़ीचरà¥à¤¸ के बारे में छानबीन करना
इस वीडियो में दिमाग अचà¥à¤›à¥€ तरह से दिख रहा है और आंखें तेज़ी से बदल रही हैं।
सबसे पहली रिकॉरà¥à¤¡ की गई मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• तरंगें
सबसे पहली मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• की तरंगों की रिपोरà¥à¤Ÿ à¤à¤• à¤à¤¸à¥‡ à¤à¥à¤°à¥‚ण से सीधे मापन करके हासिल की गई थी, निेषेचन के बाद जिसकी उमà¥à¤° अनà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¤: 44 दिन (या 6 हफ़à¥à¤¤à¥‡ और 2 दिन) थी।36
7-हफ़à¥à¤¤à¥‡ का à¤à¥à¤°à¥‚ण
“7 हफ़à¥à¤¤à¥‹à¤‚ में, शिशॠअपना सिर हिलाने लगता है और उसके हाथों में हरकत होने लगती है।â€
सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ रूप से वà¥à¤¯à¤¸à¥à¤¤
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ चाल मां के महसूस किठजाने से कई हफ़à¥à¤¤à¥‡ पहले शà¥à¤°à¥‚ हो जाती है। यहां आप निषेचन के लगà¤à¤— 7 हफ़à¥à¤¤à¥‡ के बाद शिशॠके दिमाग के सामने वाले हिसà¥à¤¸à¥‡ को, धड़कते हà¥à¤ दिल को और दोनों हाथों को चलते हà¥à¤ सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ रूप से सिर को घूमते हà¥à¤ देख सकते हैं। à¤à¤• बार फिर, आप देख सकते हैं कि कैसे यकृत पेट को पूरा à¤à¤°à¤¤à¤¾ है।
हरकतें शà¥à¤°à¥‚ होने के बाद, ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जटिलता से यà¥à¤•à¥à¤¤ कई अनà¥à¤¯ हरकतों के शà¥à¤°à¥‚ होते देर नहीं लगती। इन हरकतों में शरीर के अंदर की मांसपेशियों की गतिविधि à¤à¥€ शामिल होती हैं। कà¥à¤°à¤®à¤¾à¤•à¥à¤‚चन (पेरिसà¥à¤Ÿà¤¾à¤²à¤¸à¤¿à¤¸) मांसपेशी की समनà¥à¤µà¤¿à¤¤ शिथिलता की और अंतड़ियों की दीवार (इंटेसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤¨à¤² वॉल) के संकà¥à¤šà¤¨ की à¤à¤• जटिल यातà¥à¤°à¤¾à¤°à¤¤ तरंग होती है, जो निगले गठपोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ को पाचन पथ (डाइजेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤µ टà¥à¤°à¥ˆà¤•) के ज़रिठआगे बढ़ाती है। पेरिसà¥à¤Ÿà¤¾à¤²à¤¸à¤¿à¤¸ बड़ी अंतड़ी (लारà¥à¤œ इंटेसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤¨) में 8वें हफ़à¥à¤¤à¥‡ से शà¥à¤°à¥‚ होती है37 और छोटी अंतड़ी में 9वें हफ़à¥à¤¤à¥‡ से।38
उंगलियां और पंजे, अदà¥à¤à¥à¤¤ आंखें
“उसके हाथों की पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¥‹à¤‚ से à¤à¤•-à¤à¤• उंगलियां उà¤à¤° कर आ रही हैं… और उसकी आंखों का विकास तेज़ी से हो रहा है।â€
उंगलियों और पंजों की वà¥à¤¯à¥à¤¤à¥à¤ªà¤¤à¥à¤¤à¤¿
निषेचन के 10 या 11 दिनों के बाद अलग-अलग उंगलियां और पंजे हाथ और पैर की पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¥‹à¤‚ से उà¤à¤°à¤¨à¥‡ लगते हैं, इनकी शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ निषेचन से लगà¤à¤— 6 हफ़à¥à¤¤à¥‹à¤‚ के बाद हो जाती है। ये जाना माना तथà¥à¤¯ है कि उंगलियों और पंजों के बीच की कोशिकाà¤à¤‚, अपना उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ पूरा करने के बाद, नियोजित कोशिका मृतà¥à¤¯à¥ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ से खà¥à¤¦ को ख़तà¥à¤® कर लेंगी।39
हाथ और पैरों की कोपलें
हाथ और पैरों की कोपलें लगà¤à¤— कà¥à¤°à¤®à¤¶: 26 और 28 दिनों में, पहली बार दिखती हैं। यहां फिर से, कोमल से दिखने वाली ये कोपलें तीवà¥à¤° गति से शानदार संरचनाà¤à¤‚ बना लेती हैं।
हाथ की पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ और कलाई
केवल 7 दिनों के अंदर, हाथ और कलाई के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ हो जाते हैं और हाथ की पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ का आकार गोल पैनकेक की तरह हो जाता है। किनारे की शिराà¤à¤‚ (मारà¥à¤œà¤¿à¤¨à¤² वेनà¥à¤¸) हाथ की पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ की रूपरेखा तैयार करती हà¥à¤ˆ यहां दिख रही हैं।
अब, और ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नाटकीय बदलाव होने वाले हैं।
हाथ की पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ
जैसे जैसे उंगलियां उà¤à¤°à¤¤à¥€ हà¥à¤ˆ दिखने लगती हैं, हाथ की गोल पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ डिजिटल किरणों के बीच में चपटी होने लगती है, जिससे वो सीधी रेखाओं के संगà¥à¤°à¤¹ जैसी दिखती हैं। पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• डिजिटल किरण उंगली (या अंगूठे) की हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ और करà¤à¤¿à¤•ा हडà¥à¤¡à¥€ (मेटाकारà¥à¤ªà¤² बोन) बनाà¤à¤—ी।
उà¤à¤°à¤¤à¥€ हà¥à¤ˆ उंगलियां
कई दिन बीतने पर, हाथों की विकासशील “नॉचिंग†खà¥à¤²à¤¤à¥€ जाती है और रोज़ बदलाव दिखने लगते हैं। सà¥à¤°à¥‹à¤¤: पà¥à¤°à¤¸à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤µ विकास वीडियो का जीव-विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ (BPD वीडियो)
उंगलियां
7½ हफ़à¥à¤¤à¥‹à¤‚ में, उंगलियों के बीच के ऊतक (टिशà¥à¤¯à¥‚) गायब हो जाते हैं। उंगलियों को अब अलग-अलग हिलने की आज़ादी मिल जाती है। नोट करें कि इस 8 हफ़à¥à¤¤à¥‡ के à¤à¥à¤°à¥‚ण के हाथ की उंगलियों के पैड कितने मोटे हैं [तीर देखें]। सà¥à¤°à¥‹à¤¤: BPD वीडियो
उंगलियों की हरकतें
अगर आप नीचे वीडियो 13 में इस हाथ को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ से देखें, तो आपको अलग अलग उंगलियां हलà¥à¤•े से à¤à¤• दूसरे के बगल में चेषà¥à¤Ÿà¤¾ करती हà¥à¤ˆ दिखेंगी। इससे हाथ की कà¥à¤› “अंदरूनी†मांसपेशियों (इंटरोशियस मसलà¥à¤¸) के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ काम का पता चलता है।
अलग अलग पंजों का विकास उंगलियों की नकल करता है लेकिन कई दिनों बाद घटित होता है।
आंखें
7 हफ़à¥à¤¤à¥‹à¤‚ में आंखें अचà¥à¤›à¥€ तरह से बन जाती हैं लेकिन अà¤à¥€ à¤à¥€ पूरà¥à¤£ नहीं होतीं। पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• आंख के पीछे रेटिना की अनेक परतों के साथ उन आंखों की नसें (ऑपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• नरà¥à¤µà¥à¤¸) बन रही हैं।40 पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• आंख से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ चलाने वाली कई मांसपेशियां à¤à¥€ उà¤à¤° रही हैं।
परिपकà¥à¤µ होते लेंस
इस चरण की सबसे महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ विशेषता है विकसित होते लेंस (लेंस वेसिकल/लेंस पà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ा)। लेंस आखिर में जाकर पारदरà¥à¤¶à¥€ बन जाà¤à¤‚गे। उनका काम रोशनी को इस तरह से à¤à¥à¤•ाना (मोड़ना) होता है कि रेटिना पर दूर और पास रखी वसà¥à¤¤à¥à¤“ं की सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ और साफ़ छवियां पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤•à¥à¤Ÿ हों।
“डरने की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के साथ-साथ... पैरों की हरकतें à¤à¥€ देखी जाती हैं।â€41
पैर और जननांगीय गांठ(जेनिटल टृयूबरà¥à¤•ल)
यहां आप नीचे से पैर देख सकते हैं। इस चरण में पà¥à¤°à¥à¤· और महिला à¤à¥à¤°à¥‚णों की जननांगीय गांठें बाहर से à¤à¤• समान दिखती हैं।
पैर की हरकत, डरने की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾
यहां आप देख सकते हैं कि जब उंगलियां लगà¤à¤— पूरी तरह से अलग हो जाती हैं तो पंजों के बीच à¤à¤• समय पर हलà¥à¤•ी नॉचिंग हो रही है।
“शिशॠका चतà¥à¤°à¥à¤ªà¥à¤°à¤•ोषà¥à¤ ीय दिल अब लगà¤à¤— पूरा बन चà¥à¤•ा है42 और उसके à¤à¥€à¤¤à¤° जीवनोपयोगी गतिविधि सà¥à¤šà¤¾à¤°à¥ रूप से चलने लगी है, दो धड़कनों के बीच में दिल सिरà¥à¤«à¤¼ थोड़ी देर के लिठही आराम करता है।â€
दिल की धड़कन
यहां आप दोनों निलयों (वेंटà¥à¤°à¤¿à¤•लà¥à¤¸) को देख सकते हैं।
जनà¥à¤® से पहले मानव का दिल लगà¤à¤— 54 करोड़ बार धड़क लेता है।43 और यह तो बस शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¤¶à¥à¤°à¥‚आत है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि EHD के अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• मानव का दिल अपनी 80 साल की à¤à¤• आम ज़िंदगी में 3.2 अरब से ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बार धड़कता है।44
अनà¥à¤µà¥‡à¤·à¤•ों ने निषेचन के बाद 7½ हफ़à¥à¤¤à¥‹à¤‚ में मानव के दिल की विदà¥à¤¯à¥à¤¤à¥€à¤¯ टà¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤‚ग रिकॉरà¥à¤¡ की है। इस उमà¥à¤° में, दिल का संवाही (कंडकà¥à¤Ÿà¤¿à¤‚ग) सिसà¥à¤Ÿà¤® बहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¥‡ से विकसित हो चà¥à¤•ा होता है और इस वकà¥à¤¤ की EKG टà¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤‚ग बहà¥à¤¤ हद तक नवजात शिशà¥à¤“ं और वयसà¥à¤•ों से पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ EKG से मिलती-जà¥à¤²à¤¤à¥€ है।45
“7½ हफ़à¥à¤¤à¥‹à¤‚ में, शिशॠकी उंगलियां अलग हो जाती हैं। उसके हाथ और... पैर दोनों मधà¥à¤¯à¤°à¥‡à¤–ा (मिडलाइन) को छूना शà¥à¤°à¥‚ कर देते हैं।â€46
हाथ की पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¥‹à¤‚ के बढ़ने के साथ, उà¤à¤°à¤¤à¥€ उंगलियों (और पैर) के बीच की कोशिकाओं की नियोजित कोशिका मृतà¥à¤¯à¥ होती है ताकि उंगलियां अलग हो सकें।47 शिशॠके हाथ (और वैसे ही पैर à¤à¥€) अब मधà¥à¤¯à¤°à¥‡à¤–ा में à¤à¤•-दूसरे तक पहà¥à¤‚चकर à¤à¤•-दूसरे को छू सकते हैं। उंगली के सà¥à¤ªà¤°à¥à¤¶ के साथ उसकी संसार की यातà¥à¤°à¤¾ की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¤¶à¥à¤°à¥‚आत हो जाती है।
“यहां आप उसकी उà¤à¤°à¤¤à¥€ पलकों के आसपास उसकी खूबसूरत दाईं आंख देख सकते हैं।â€
इस चरण की मानवीय आंख नवजात शिशॠऔर वयसà¥à¤• की आंख से बहà¥à¤¤ हद तक मिलती-जà¥à¤²à¤¤à¥€ है। यहां आप विकसित होते लेंस और अगà¥à¤° पà¥à¤°à¤•ोषà¥à¤ (à¤à¤‚टीरियर चैंबर) को देख सकते हैं, जिनके पीछे तà¥à¤²à¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• रूप में बड़ा पिछला पà¥à¤°à¤•ोषà¥à¤ (पोसà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤° चैंबर) दिख रहा है।
पलकें
पलकें बस अà¤à¥€ दिखना शà¥à¤°à¥‚ हà¥à¤ˆ हैं। ये à¤à¤• दà¥à¤°à¥à¤²à¤ मौका है जब आप यह महसूस कर सकते हैं कि पलकों के असà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ रूप से à¤à¤• दूसरे से मिलने से à¤à¤•दम पहले, 7½ हफ़à¥à¤¤à¥‹à¤‚ में आंख कितनी उनà¥à¤¨à¤¤ दिखती है। इस चरण में ओवरबाइट का होना सामानà¥à¤¯ और असà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ होता है।
आंख के पिछले चैंबर में, आप मानवीय रेटिना का गाढ़ा रंगदà¥à¤°à¤µà¥à¤¯ (पिगमेंट) देख सकते हैं। हालांकि अà¤à¥€ इसने अंतिम सà¥à¤µà¤°à¥‚प नहीं लिया है, यहये पहले से ही अपनी जगह पर हफ़à¥à¤¤à¥‹à¤‚ से बना हà¥à¤† है!48 आप ऊपर और नीचे की पलकों को à¤à¥€ साफ़-साफ़ देख सकते हैं। इस समय, पलकें आंख की पूरी सतह को जलà¥à¤¦à¥€ जलà¥à¤¦à¥€ कवर करना शà¥à¤°à¥‚ करती हैंहै और जलà¥à¤¦à¥€ ही जà¥à¤¡à¤¼ जाà¤à¤‚गी।
8-हफ़à¥à¤¤à¥‡ का अदà¥à¤à¥à¤¤ à¤à¥à¤°à¥‚ण
“7 और 8 हफ़à¥à¤¤à¥‹à¤‚ के बीच में, शिशॠके शरीर के लगà¤à¤— 2000 अतिरिकà¥à¤¤ हिसà¥à¤¸à¥‡ बनकर तैयार हो जाते हैं।â€49
7-दिन की अवधि के दौरान 7 हफ़à¥à¤¤à¥‹à¤‚ से (या 49 दिनों) से लेकर 8 हफ़à¥à¤¤à¥‹à¤‚ (56 दिनों तक) के बीच 7 दिनों में उà¤à¤°à¤¨à¥‡ वाले नठपहचाने जा सकने वाले शरीर के सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ की संखà¥à¤¯à¤¾ किसी को à¤à¥€ चकित कर सकती है। शिशॠके छोटे आकार और उमà¥à¤° के बावजूद, à¤à¤• नठसà¥à¤¤à¤° के सूकà¥à¤·à¥à¤® अंग जैसे कई असà¥à¤¥à¤¿à¤¬à¤‚ध (लिगामेंट), शिराà¤à¤‚ (टेंडन), मांसपेशियां, नसें उà¤à¤°à¤¨à¥‡ लगती हैं और रकà¥à¤¤à¤µà¤¾à¤¹à¤¿à¤¨à¥€ शिराà¤à¤‚ (बà¥à¤²à¤¡ वैसल) पहली बार पहचानी जाने लायक बन जाती हैं।शिशॠके छोटे आकार और उमà¥à¤° के बावजूद, à¤à¤• नठसà¥à¤¤à¤° के सूकà¥à¤·à¥à¤® अंग जैसे कई असà¥à¤¥à¤¿à¤¬à¤‚ध (लिगामेंट), शिराà¤à¤‚ (टेंडन), मांसपेशियां, नसें उà¤à¤°à¤¨à¥‡ लगते हैं और रकà¥à¤¤à¤µà¤¾à¤¹à¤¿à¤¨à¥€ शिराà¤à¤‚ (बà¥à¤²à¤¡ वैसल) पहली बार पहचानी जाने लायक बन जाती हैं।
हाथ की धमनियां (आरà¥à¤Ÿà¤°à¥€à¤œà¤¼)
हाथ में खून पहà¥à¤‚चाने वाली धमनियां 8-हफ़à¥à¤¤à¥‡ के à¤à¥à¤°à¥‚ण में सूकà¥à¤·à¥à¤® अंग की मौजूदगी का उतà¥à¤•ृषà¥à¤Ÿ उदाहरण देती हैं। इस सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨à¤¶à¥‰à¤Ÿ में उन छोटी धमनियों को कैपà¥à¤šà¤° किया गया है जो हाथ और उंगलियों में खून à¤à¥‡à¤œà¤¤à¥€ हैं।
हाथ की धमनियां (आरà¥à¤Ÿà¤°à¥€à¤œà¤¼)
हथेली और उंगलियों में खून पहà¥à¤‚चाने वाली धमनियां इस मूवी कà¥à¤²à¤¿à¤ª में देखी गईं। यहां दिख रहा धमनियों का पैटरà¥à¤¨ हूबहू नवजात शिशà¥à¤“ं और वयसà¥à¤•ों में पाठजाने वाले पैटरà¥à¤¨ जैसा है। (अंगूठे के मोटे पैड और कà¥à¤¹à¤¨à¥€ को नोट करें।)
हाथ की धमनियां (आरà¥à¤Ÿà¤°à¥€à¤œà¤¼)
वयसà¥à¤• के हाथ की तरह ही, पà¥à¤°à¤®à¥à¤– चाप (सà¥à¤ªà¤°à¤«à¤¼à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤² आरà¥à¤•) हथेली की डिजिटल धमनियों को खून पहà¥à¤‚चाता है। हथेली की पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• डिजिटल धमनी (पालà¥à¤®à¤° डिजिटल आरà¥à¤Ÿà¤°à¥€) यहां दिखाठगठअनà¥à¤¸à¤¾à¤° टूट कर दो डिजिटल धमनियों में बदल जाती है। कà¥à¤¯à¤¾ आप देख पा रहे हैं कि हथेली की डिजिटल धमनी (पालà¥à¤®à¤° डिजिटल आरà¥à¤Ÿà¤°à¥€) कहां पर दो डिजिटल धमनियों में बदलती है?
à¤à¥à¤°à¥‚णीय पà¥à¤°à¥‰à¤ªà¤° के अंत (सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€à¤¬à¥€à¤œà¤œà¤¨à¤¨ के (पोसà¥à¤Ÿà¤“वà¥à¤¯à¥‚लेटरी) 8 हफ़à¥à¤¤à¥‹à¤‚) तक, सà¤à¥€ पà¥à¤°à¤®à¥à¤– असà¥à¤¥à¤¿à¤ªà¤¿à¤‚जर, जोड़, मांसपेशी, सà¥à¤¨à¤¾à¤¯à¥ और अंगों के नाड़ी संबंधी (वैसà¥à¤•à¥à¤²à¤°) ततà¥à¤µ वयसà¥à¤• जैसे ही दिखने वाले सà¥à¤µà¤°à¥‚प और वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में आ जाते हैं।
8-हफ़à¥à¤¤à¥‡ के à¤à¥à¤°à¥‚ण के विवरण
यहां आप à¤à¤• 8-हफ़à¥à¤¤à¥‡ के मानवीय à¤à¥à¤°à¥‚ण के कà¥à¤°à¥‰à¤¸-सेकà¥à¤¶à¤¨ में दिखने वाली कà¥à¤›à¥‡à¤• विसà¥à¤¤à¥ƒà¤¤ संरचनाà¤à¤‚ देख सकते हैं। सà¥à¤°à¥‹à¤¤: आà¤à¤¾à¤¸à¥€ मानवीय à¤à¥à¤°à¥‚ण पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤•à¥à¤Ÿ, कारà¥à¤¨à¥€à¤œ चरण 23, खंड 102
8-हफ़à¥à¤¤à¥‡ का मानवीय मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤•
“8वें हफ़à¥à¤¤à¥‡ तक, शिशॠका दिमाग इतना जटिल बन चà¥à¤•ा होता है कि उसके कà¥à¤› हिसà¥à¤¸à¥‡ बिलà¥à¤•à¥à¤² नवजात शिशॠके दिमाग जैसे दिखने लगते हैं।â€50
मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• सà¥à¤¤à¤‚ठ(बà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¸à¥à¤Ÿà¥ˆà¤®) (मेरà¥à¤¦à¤‚ड से सबसे नज़दीक मौजूद दिमाग का बेस) के हिसà¥à¤¸à¥‡ और दिमाग का धमनीय रकà¥à¤¤à¤¸à¤‚चार नवजात शिशॠके समान ही दिखते हैं।
अनà¥à¤ªà¤¾à¤¤ में अंतर के अलावा, धमनीय पैटरà¥à¤¨ वयसà¥à¤• के समान ही दिखता है। [निषेचन के 8 हफ़à¥à¤¤à¥‡ बाद मानव मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• की धमनीय रकà¥à¤¤ आपूरà¥à¤¤à¤¿ को उदà¥à¤§à¥ƒà¤¤ करते हà¥à¤]
8 हफ़à¥à¤¤à¥‹à¤‚ में रॉमà¥à¤¬à¥‡à¤¨à¥à¤¸à¥‡à¤«à¤¼à¤²à¤¿à¤• नà¥à¤¯à¥‚कà¥à¤²à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ और कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ की वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ नवजात शिशॠके समान होती है।
चूंकि मानव मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• 8 हफ़à¥à¤¤à¥‹à¤‚ में इतना उनà¥à¤¨à¤¤ हो जाता है, इसलिठकà¥à¤› विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ का माना है कि मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• का विकास पहले से ही हो रहा होता है।कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि मानव मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• 8 हफ़à¥à¤¤à¥‹à¤‚ में इतना उनà¥à¤¨à¤¤ हो जाता है, कà¥à¤› विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ का माना है कि मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• का विकास पहले से ही हो रहा होता है।
मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के 23वें चरण [निषेचन के 8 हफ़à¥à¤¤à¥‹à¤‚ के बाद] की जितनी सराहना होती है, आकृति-विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ की दृषà¥à¤Ÿà¤¿ से वह उससे कहीं अधिक उनà¥à¤¨à¤¤ है, इतना उनà¥à¤¨à¤¤ कि कारà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• विचार ज़रूरी हो जाते हैं....à¤à¥à¤°à¥‚ण की सटीक अवधि में रॉमà¥à¤¬à¥‡à¤¨à¥à¤¸à¥‡à¤«à¤¼à¤²à¤¿à¤• के तीवà¥à¤° विकास के तदनà¥à¤°à¥‚पी शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€à¤¶à¥à¤°à¥‚आती वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¹à¤¾à¤°à¤¿à¤• गतिविधियों से संबंधित होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ होती है।
“गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के à¤à¥€à¤¤à¤° कोई हवा नहीं होती फिर à¤à¥€ शिशॠसांस लेने और छोड़ने की हरकतें करना शà¥à¤°à¥‚ करता है। इस शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€à¤¶à¥à¤°à¥‚आती वकà¥à¤¤ में à¤à¥€, ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° शिशॠआपकी ही तरह दाà¤à¤‚ या बाà¤à¤‚ हाथ के इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² को तरजीह देना शà¥à¤°à¥‚ कर देते हैं।â€
पहली सांस और पहले रà¥à¤¦à¤¨à¤°à¥‚दन की तैयारी करना
जनà¥à¤® से पहले की शà¥à¤µà¤¸à¤¨ हरकतें खून को दिल में वापसवापिस लौटने में और जनà¥à¤® के बाद शà¥à¤µà¤¸à¤¨ मांसपेशियों की उनके ज़रूरी करà¥à¤¤à¤µà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को पूरा करने में मदद करती हैं। 8वें हफ़à¥à¤¤à¥‡ में, शà¥à¤µà¤¸à¤¨ हरकतें कà¥à¤² समय की केवल 2% दिखती हैं।51 शिशॠके बढ़ने के साथ, ये हरकतें वकà¥à¤¤ के हिसाब से लगà¤à¤— 30%–40% दिखती हैं।52
à¤à¤• पूरà¥à¤£à¤•ालिक नवजात लड़की अपनी पहली गहरी सांस ले सकती है और पहली बार ज़ोर से रो सकती है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वो इस कà¥à¤·à¤£ के लिठ30 हफ़à¥à¤¤à¥‹à¤‚ से तैयारी कर रही थी! कई घंटों का उसका शà¥à¤µà¤¸à¤¨ हरकतों का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ सांस लेते रहने के लिठधैरà¥à¤¯ देता है।
दायां और बायां हतà¥à¤¥à¤¾ बनना
अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड के अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ दिखाते हैं कि 75% शिशॠनिषेचन के 8 हफ़à¥à¤¤à¥‡ बाद से अपने दाà¤à¤‚ हाथ हिलाने को निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤•ता देना शà¥à¤°à¥‚ कर देते हैं। शेष शिशॠदो बराबर के आकार के समूहों में बांट दिठजाते हैं, जिनमें से à¤à¤• समूह बाà¤à¤‚बायां हाथ को पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤•ता देने वालों का होता है और दूसरा समूह कोई पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤•ता नहीं दिखाता।53
पलकें
यहां आप देख सकते है कि पलकें लगà¤à¤— पूरी जà¥à¤¡à¤¼ चà¥à¤•ी हैं। कà¥à¤›à¥‡à¤• दिनों में ही, यहां दिख रही सफ़ेदसफेद मिलन रेखा पूरी दाईं आंख तक फैल जाà¤à¤—ी। आप दाà¤à¤‚ जबड़े और दाà¤à¤‚ कान के बगल में हलà¥à¤•े रंग की हंसà¥à¤²à¥€ (कॉलर बोन) à¤à¥€ देख सकते हैं।आप दाà¤à¤‚ जबडे़ और दाà¤à¤‚ कान के बगल में हलà¥à¤•े रंग की हंसà¥à¤²à¥€ (कॉलर बोन) à¤à¥€ देख सकते हैं।
उपलबà¥à¤§à¤¿ की सराहना होते हà¥à¤
“केवल 8 हफ़à¥à¤¤à¥‹à¤‚ में, विलकà¥à¤·à¤£ à¤à¤•ल-कोशिकीय à¤à¥à¤°à¥‚ण, विकसित होकर à¤à¤• अरब कोशिकाओं में परिवरà¥à¤¤à¤¿à¤¤ हो जाता है, जिसमें शरीर के 4,000 हिसà¥à¤¸à¥‡54 और à¤à¤• दरà¥à¤œà¤¨ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ बन चà¥à¤•ी होती हैं।â€
केवल 8 हफ़à¥à¤¤à¥‹à¤‚ में होने वाला विसà¥à¤®à¤¯à¤•ारी रूप-परिवरà¥à¤¤à¤¨ बेहद जटिल है और असंखà¥à¤¯ चरणों का होने के बावजूद, आशà¥à¤šà¤°à¥à¤¯à¤œà¤¨à¤• रूप से तà¥à¤°à¥à¤Ÿà¤¿à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ है।
उस रोमांच की बस कलà¥à¤ªà¤¨à¤¾ करें जब आपको पता चलेगा कि महज़ à¤à¤• 5 हफ़à¥à¤¤à¥‡ के à¤à¥à¤°à¥‚ण की, जो बमà¥à¤¶à¥à¤•िल 1 सेमी लंबा था, आपने उसकी कितनी सारी संरचनाओं को पहचाना। लेकिन हमारा आकरà¥à¤·à¤£ यहीं नहीं रà¥à¤•ता। अगले 3 हफ़à¥à¤¤à¥‹à¤‚ में होने वाले बदलावों की पà¥à¤°à¤—ति इतनी तेज़ी से होगी कि उस वकà¥à¤¤ जब à¤à¥à¤°à¥‚ण कीका लंबाई 3 सेमी पहà¥à¤‚चेगी, हमारे लिठपरिचित सà¤à¥€ संरचनाओं को न केवल हम पहचानेंगे, साथ ही वे अपनी शारीरिक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में à¤à¥€ पहले ही पहà¥à¤‚च चà¥à¤•े होंगे। यह महसूस करने के बाद हम अपनी हैरानी को कैसे छिपा सकते हैं कि हमारी सबसे छोटी उंगली की बाहरी अंगà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤¥à¤¿ (डिसà¥à¤Ÿà¤² फ़ेलेंकà¥à¤¸) के जितने लगà¤à¤— लंबे à¤à¥à¤°à¥‚ण में कितनी उतà¥à¤•ृषà¥à¤Ÿà¤¤à¤¾ मौजूद है?
इस नाटकीय विकासातà¥à¤®à¤• पà¥à¤°à¤—ति का तà¥à¤°à¤‚त परिणाम ये होता है कि 8-हफ़à¥à¤¤à¥‡ के मानवीय à¤à¥à¤°à¥‚ण का समगà¥à¤° सà¥à¤µà¤°à¥‚प, अब नवजात शिशॠके आकृति से पहले से ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मिलता-जà¥à¤²à¤¤à¤¾ लगता है, जबकि उसका आकार नवजात शिशॠके आकार का à¤à¤• बहà¥à¤¤ छोटा हिसà¥à¤¸à¤¾ à¤à¤° होता है।
यह अखंडनीय समानता अचानक से नहीं आती। बलà¥à¤•ि, यह इस तथà¥à¤¯ का अनिवारà¥à¤¯ परिणाम होता है कि 8-हफ़à¥à¤¤à¥‡ के पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• à¤à¥à¤°à¥‚ण और पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• नवजात शिशॠमें शरीर के हज़ारों à¤à¤• समान हिसà¥à¤¸à¥‡ मौजूद होते हैं, और वे सà¤à¥€ हिसà¥à¤¸à¥‡ लगà¤à¤— समान तरीके से वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤ होते हैं। ये तथà¥à¤¯ दिमाग में रखते हà¥à¤, à¤à¤• समान बाहरी सà¥à¤µà¤°à¥‚परूप-रंग अपेकà¥à¤·à¤¿à¤¤ रहता है।
à¤à¥à¤°à¥‚णीय अवधि
à¤à¥à¤°à¥‚णीय अवधि निषेचन के 8 हफ़à¥à¤¤à¥‹à¤‚ और à¤à¤• दिन बीतने के बाद शà¥à¤°à¥‚ होती है और जनà¥à¤® न होने तक चलती रहती है।
“9 हफ़à¥à¤¤à¥‹à¤‚ में, शिशॠअपने अंगूठे को चूसना,55 निगलना,56 आह à¤à¤°à¤¨à¤¾,57 और अंगड़ाइयां लेना शà¥à¤°à¥‚ कर देता है।58 उसके चेहरे, हाथ और पैरों में अब संवेदना आ चà¥à¤•ी होती है और इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ हलà¥à¤•ा सा सà¥à¤ªà¤°à¥à¤¶ करने से à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ मिलती है।â€59
सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ चाल
नाक 13 या 14 हफ़à¥à¤¤à¥‡ न होने तक सामानà¥à¤¯à¤¤: ऊपर की ओर लगी रहती है।नाक 13 या 14 हफ़à¥à¤¤à¥‹à¤‚ के न बीतने तक सामानà¥à¤¯à¤¤: ऊपर की ओर लगी रहती है। उंगलियों की हलà¥à¤•ी साथ-साथ चलने वाली हरकतों को नोट करें (0:05–0:06), घà¥à¤®à¤¾à¤µà¤¦à¤¾à¤° नाà¤à¤¿-रजà¥à¤œà¥ (अंबिलिकल कॉरà¥à¤¡) (0:07) और जà¥à¤¡à¤¼à¥€ हà¥à¤ˆ पलकें (0:11)।
शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€à¤¶à¥à¤°à¥‚आती à¤à¥à¤°à¥‚ण नठतरीकों से अपने वातावरण को पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ देता रहता है। निगलना à¤à¤• जटिल पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है जो जनà¥à¤® से पहले अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ की जाने वाली कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤“ं की बढ़ती सूची में जà¥à¤¡à¤¼ जाता है।
तà¥à¤µà¤šà¤¾ और मेरà¥à¤¦à¤‚ड (सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² कॉरà¥à¤¡) के रासà¥à¤¤à¥‡ की लगà¤à¤— हर नस और यहां तक कि दिमाग के हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ की नसें à¤à¥€ सही जगह पर लगने पर, शिशॠपहले ही बेहद उनà¥à¤¨à¤¤ हो चà¥à¤•ा होता है और तीवà¥à¤° विकास की अवधि में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करता है।
“9½ हफ़à¥à¤¤à¥‹à¤‚ में शिशॠजमà¥à¤¹à¤¾à¤ˆ लेना शà¥à¤°à¥‚ कर देता है।60 10वें हफ़à¥à¤¤à¥‡ में, वह चलने की हरकतों का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ करता है और उसकी उंगलियों की छाप बनने लगती है।â€
जमà¥à¤¹à¤¾à¤ˆ लेना
जमà¥à¤¹à¤¾à¤ˆ लेना कोई आसान बात नहीं है। इसमें असामानà¥à¤¯ रूप से सांस को खींचकर सिर को हलà¥à¤•ा सा ऊपर उठाकर, सांस छोड़ना होता है।
मनोहारीमनोहर फ़à¥à¤Ÿà¤µà¤°à¥à¤•
आप यहां जो मनोहारीमनोहर फ़à¥à¤Ÿà¤µà¤°à¥à¤• देख रहे हैं, बेशक, यह तो बस शà¥à¤°à¥‚आत है। चलने की समनà¥à¤µà¤¿à¤¤ हरकतें जनà¥à¤® से बहà¥à¤¤ पहले शà¥à¤°à¥‚ हो जाती हैं, लेकिन बचà¥à¤šà¥‡ के बढ़ने के साथ उसका अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ करना उसके लिठमà¥à¤¶à¥à¤•िल हो जाता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के à¤à¥€à¤¤à¤° की जगह जनà¥à¤® से पहले तक à¤à¤•दम सीमित रहती हैहैà¥à¥¤
लोग किसी à¤à¥€ उमà¥à¤° में नाच लेते हैं।
नाचने की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤
चलने और नाचने की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤‚ जनà¥à¤® से बहà¥à¤¤ पहले शà¥à¤°à¥‚ हो जाती हैं!
उंगलियां के निशान
उंगलियों के छाप या निशान अदà¥à¤µà¤¿à¤¤à¥€à¤¯ पहचानकरà¥à¤¤à¤¾ होते हैं और 10 हफ़à¥à¤¤à¥‡ से बनने लगेलग पड़े हैं।61
हाथों और पैरों के नाखून à¤à¥€ बढ़ना शà¥à¤°à¥‚ हो चà¥à¤•े हैं।62
“11 हफ़à¥à¤¤à¥‹à¤‚ तक, शिशॠके मà¥à¤‚ह और होंठपूरी तरह से बन चà¥à¤•े होते हैं63 और उसका आकार और बड़ा होता रहता है।â€
चेहरों की à¤à¤‚गिमाओं के साथ लगà¤à¤— 30 मांसपेशियां शामिल होती हैं।6411वें हफ़à¥à¤¤à¥‡ से, शिशॠइनमें से कई मांसपेशियों का समनà¥à¤µà¤¯ करना शà¥à¤°à¥‚ करके विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ à¤à¤‚गिमाà¤à¤‚ बनाने लगता है।65
“12वें हफ़à¥à¤¤à¥‡ में, शिशॠअपना मà¥à¤‚ह खोलने और बंद करने लगता है और अपनी जीठहिलाता है। उसके हाथ पूरी तरह से बन चà¥à¤•े हैं।â€
अगली कैपà¥à¤šà¤° हà¥à¤ˆ सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨à¥‹à¤‚ में, हम मà¥à¤‚ह की जीठऔर तालॠदेख सकते हैं। परिचित लगती हैं न? ये नवजात शिशà¥à¤“ं की तरह ही दिखाई देते हैं।
मà¥à¤‚ह की ऊपरी सतह
मà¥à¤‚ह के à¤à¥€à¤¤à¤° का तालूतालॠपहले से ही नवजात शिशà¥à¤“ं के तालूतालॠके समान दिखता है। मधà¥à¤¯à¤°à¥‡à¤–ा “मिलन†रेखा दिखाती है कि दाà¤à¤‚ और बाà¤à¤‚ दोनों छोर कहां आकर मिले थे। आप दाà¤à¤‚ गाल के अंदर à¤à¥€ à¤à¤¾à¤‚क सकते हैं।
मà¥à¤‚ह के à¤à¥€à¤¤à¤° की जीठऔर तालूतालà¥
यह चितà¥à¤° मà¥à¤‚ह के à¤à¥€à¤¤à¤° के तालू (हारà¥à¤¡ पैलेट) में सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ उà¤à¤¾à¤° दिखाता है।यह चितà¥à¤° मà¥à¤‚ह के à¤à¥€à¤¤à¤° के तालॠ(हारà¥à¤¡ पैलेट) में सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ उà¤à¤¾à¤° दिखाता है। ये उà¤à¤¾à¤° (जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ रà¥à¤—ी कहा जाता है) सामानà¥à¤¯ होते हैं और पूरी ज़िंदगी बने रहते हैं।
तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा तंतà¥à¤° (नरà¥à¤µà¤¸ सिसà¥à¤Ÿà¤®) परिपकà¥à¤µ होता रहता है। 13 हफ़à¥à¤¤à¥‹à¤‚ में, वह खोपड़ी के हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ के अलावा अपने शरीर पर अनà¥à¤¯ किसी à¤à¥€ हिसà¥à¤¸à¥‡ में किठगठहलà¥à¤•े सà¥à¤ªà¤°à¥à¤¶ को पहचानने लगती है।66
बचà¥à¤šà¥€ अब वसा (फ़ैट) जमा करना शà¥à¤°à¥‚ कर देती है।67 वसा की जगहों के उà¤à¤°à¤¨à¥‡ से शिशॠको उसे à¤à¤°à¤¨à¥‡ में मदद मिलती है। वसा संचित ऊरà¥à¤œà¤¾ होती है जिससे बचà¥à¤šà¥€ जनà¥à¤® के बाद अपने शरीर के तापमान को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करती है।
“गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के जारी रहने के साथ, बचà¥à¤šà¥€ बढ़ती रहती है और नठगà¥à¤£ हासिल करती रहती है। सà¥à¤¨à¤¨à¤¾,68 सोने-उठने के चकà¥à¤°,69 आवाज़ और रोशनी पर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ देना70 और रोशनी,71 सà¥à¤µà¤¾à¤¦ की पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤•ताà¤à¤‚ तय होना,72 मां की आवाज़ पहचानना,73 और बहà¥à¤¤ सारी à¤à¤¸à¥€ चीज़ें हैं, जो दिलचसà¥à¤ª से à¤à¤°à¥€ पà¥à¤°à¤¸à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤µ यातà¥à¤°à¤¾ का à¤à¤• आम हिसà¥à¤¸à¤¾ हैं।â€
अà¤à¥€ ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ साल नहीं गà¥à¤œà¤¼à¤°à¥‡ हैं कि डॉकà¥à¤Ÿà¤° ये मानते थे कि शिशॠजनà¥à¤® के 6 हफ़à¥à¤¤à¥‹à¤‚ तक मà¥à¤¸à¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤¨à¤¾ शà¥à¤°à¥‚ नहीं करता।74 अब हम यह जानते हैं कि शिशॠमà¥à¤¸à¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤¨à¤¾ à¤à¥€, अनà¥à¤¯ आम मानवीय वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤°à¥‹à¤‚ की तरह, जनà¥à¤® से काफ़ी पहले शà¥à¤°à¥‚ करके, उसका अचà¥à¤›à¥€ तरह से अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ कर चà¥à¤•ा होता है।
“वासà¥à¤¤à¤µ में गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ जनà¥à¤® के बाद के जीवन की तैयारी करने का समय है। यह खà¥à¤¶à¥€ मनाने का वकà¥à¤¤ à¤à¥€ होता है और इसमें पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• नठजीवन के आगमन के साथ मिलने वाली खà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚, हैरानियों और चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की उमà¥à¤®à¥€à¤¦ रहती है।â€
नवजात शिशà¥
यह छोटा साथी अब हर नई चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€ के लिठतैयार है। फिर से शà¥à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾, मां। तà¥à¤® अदà¥à¤à¥à¤¤ हो!
“कृपया इस फ़à¥à¤°à¥€ वीडियो को अपने परिवार और दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ के साथ शेयर करें। आप इसे यहां से डाउनलोड कर सकते हैं
अदà¥à¤à¥à¤¤ गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² (पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा) और नाà¤à¤¿-रजà¥à¤œà¥ (अंबिलिकल कॉरà¥à¤¡)
नाà¤à¤¿-रजà¥à¤œà¥ मां और बचà¥à¤šà¥‡ के बीच à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ इंटरफ़ेस का काम करती है। यह हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ बनाती है, शिशॠके शरीर के तापमान को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ रखने में मदद करती है, ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ पहà¥à¤‚चाती है, कारà¥à¤¬à¤¨ डाइऑकà¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤¡ निकालती है और बहà¥à¤¤ से अनà¥à¤¯ काम करती है।
नाà¤à¤¿-रजà¥à¤œà¥ का गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤²à¥€à¤¯ मूल
यह दà¥à¤°à¥à¤²à¤ चितà¥à¤° गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में कारà¥à¤¯à¤°à¤¤ गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² के वैसलà¥à¤¸ और नाà¤à¤¿-रजà¥à¤œà¥ का मूल दिखाता है। सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨ से दाईं ओर को जाते दो वैसलà¥à¤¸ नाà¤à¤¿ संबंधी पà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ा (वेसिकल), (जिसे पहले पीतक कोष यानी योक सैक कहते थे) से जà¥à¤¡à¤¼à¤¤à¤¾ है।
अंदर से गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² (पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा)
यहां आप गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² का अंदरूनी दृशà¥à¤¯ देख सकते हैं। गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² के वैसल नाà¤à¤¿-रजà¥à¤œà¥ के मूल के इरà¥à¤¦-गिरà¥à¤¦ केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ रहते हैं। बचà¥à¤šà¥€, जब गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के अंदर दूसरी ओर घूमती है तो, पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ टेलीफ़ोन तार की तरह, घà¥à¤®à¤¾à¤µà¤¦à¤¾à¤° नाà¤à¤¿-रजà¥à¤œà¥ अपनी “लंबाई†बदलकर बढ़ती हà¥à¤ˆ बचà¥à¤šà¥€ तक पहà¥à¤‚च जाती है। सà¥à¤°à¥‹à¤¤:
नाà¤à¤¿-रजà¥à¤œà¥ का मूल
जीवित मानवीय गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² की छोटी सी à¤à¤²à¤• सतही वैसलà¥à¤¸ की à¤à¤• जटिल सरणीसारणी दिखाती है जिससे बढ़ती हà¥à¤ˆ बचà¥à¤šà¥€ को सहारा मिलता है।
नाà¤à¤¿-रजà¥à¤œà¥ के विवरण
नाà¤à¤¿-संबंधी शिरा (अंबिलिकल वेन) गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² (पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा) से बढ़ते हà¥à¤ शिशॠमें ताज़ा ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨à¥€à¤•ृत खून लाती है।नाà¤à¤¿-संबंधी शिरा (अंबिलिकल वीन) गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² (पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा) से बढ़ते हà¥à¤ शिशॠमें ताज़ा ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨à¥€à¤•ृत खून लाती है। यहां आप बड़ी नाà¤à¤¿-संबंधी शिरा (अंबिलिकल वेन) और दो छोटी नाà¤à¤¿-संबंधी धमनियों (आरà¥à¤Ÿà¤°à¥€à¤œà¤¼) के रंगों के बीच के असाधारण अंतर को देख सकते हैं।यहां आप बड़ी नाà¤à¤¿-संबंधी शिरा (अंबिलिकल वीन) और दो छोटी नाà¤à¤¿-संबंधी धमनियों (आरà¥à¤Ÿà¤°à¥€à¤œà¤¼) के रंगों के बीच के असाधारण अंतर को देख सकते हैं। यहां आप पृषà¥à¤ à¤à¥‚मि में अनेक अपरा संबंधी नसें (पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टल वैसलà¥à¤¸) à¤à¥€ देख सकते हैं।
नाà¤à¤¿-रजà¥à¤œà¥ का बेस
अंतड़ी (इंटेसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤¨) के घà¥à¤®à¤¾à¤µà¤¦à¤¾à¤° चकà¥à¤° नाà¤à¤¿-रजà¥à¤œà¥ के बेस के आगे शरीर के बाहर असà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ रूप से इकटà¥à¤ ा हो जाते हैं। ये पूरी तरह से सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤•दम ज़रूरी है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि बड़ा यकृत लगà¤à¤— पूरे पेट को à¤à¤° देता है।
लय का मूल
हर बार जब शिशॠका दिल धड़कता है, तब उससे पूरी नाà¤à¤¿-रजà¥à¤œà¥ में à¤à¤• सà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¦à¤¨ (पलà¥à¤¸à¥‡à¤¶à¤¨) बनता है।
| --------------------------- | --------------------------- |